भगवान परशुरामजी जैसे महापुरूषों के जीवन चरित्र को पाठ्यक्रमों में पढ़ाये जाने की आवयश्कता:- महापौर अनिता ममगाई
ऋषिकेश। ( जितेंद्र शर्मा) आज के समय में बच्चों को भगवान परशुराम जी का जीवन चरित्र पाठ्यक्रम में पढ़ाये जाने की आवयश्कता है। नई पीढ़ी को ज्ञानवान बनाने के साथ संस्कारवान बनाने की भी जरूरत है उक्त विचार श्री परशुराम सभा द्वारा भगवान परशुरामजी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अनिता ममगाई जी ने व्यक्त किये। इस अवसर पर महामंडलेश्वर ईश्वरदास जी ने कहा कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र की भी आवयश्कता है, नई पीढ़ी को भगवान परशुरामजी जी के जीवन से शिक्षा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज इस विचार की आवयश्कता है कि एक हाथ मे शिक्षा यानी शास्त्र होने चाहिए परन्तु यदि धर्म रक्षा के लिए हमे शस्त्र उठाने पड़े तो पीछे नही हटेंगे।उन्होंने कहा कि समाज के लिए प्रत्येक व्यक्ति के छोटे छोटे प्रयास से बड़े बड़े कार्य आसानी से हो जाते हैं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अनिता ममगाई ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से हमे प्रेरणा मिले इसके लिये उनके जीवन को पाठ्यक्रम ...